॥ कालस्य नियमः धर्मस्य आधारः ॥

श्री राजा बलि धाम

पूजा नियम और समय

दर्शन एवं आरती समय सारणी

श्री राजा बलि धाम में प्रतिदिन नियमित रूप से भगवान राजा बलि ,पंचमुखी हनुमान, शिव जी, राधा रानी, ​​श्री कृष्ण भगवान की सेवा-अर्चना वैदिक सनातन पद्धति से की जाती है। मंदिर के कपाट प्रातःकाल ब्रह्म मुहूर्त में खुलते हैं और रात्रि शयन आरती के बाद बंद होते हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दैनिक पूजा और दर्शन का समय नीचे दिया गया है:

आरती/पूजा का नाम समय (प्रातः/सायं) विवरण
प्रातः आरती प्रातः 08:00AM बजे मंदिर के पट खुलना एवं प्रथम दर्शन
संध्या आरती संध्या 08:00PM बजे भक्तों के साथ मंगल आरती
प्रातः दर्शन का समय प्रातः 10:00AM बजे भक्तों के लिए दर्शन का समय
दर्शन प्रातः 11:00 से 04:00 बजे तक दरबार बंद
संध्या भजन-कीर्तन सायं 6:00PM से 08:00PM बजे तक संध्या काल में बहुत धूम-धाम से भजन कीर्तन होता है

विशेष सूचना: प्रत्येक मंगलवार, पूर्णिमा, अमावस्या तथा धार्मिक त्यौहारों के अवसर पर दर्शन का समय प्रातः 2:00 बजे तक बढ़ाया जा सकता है।

पूजा सामग्री के नियम

मंदिर की पवित्रता बनाए रखने के लिए पूजा सामग्री से संबंधित निम्नलिखित नियमों का पालन करें:

  • राजा बली धाम में पूजा-अर्चना हेतु श्रद्धालु निम्न पूजा सामग्री अर्पित कर सकते हैं:
    लड्डू (Ladoo)
    पेड़ा (Peda)
    मिश्री (Misri)
    बताशा (Batasha)
    फूल एवं पुष्पमाला
    अगरबत्ती एवं धूप
  • केवल ताज़ी एवं शुद्ध पूजा सामग्री ही अर्पित करें।
  • पूजा सामग्री निर्धारित स्थान पर ही जमा करें।
  • प्रसाद एवं सामग्री की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें।
  • धाम प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।